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बाल विवाह जैसी कुरीति रोकना अति आवश्यक, क्यूंकि करना पड़ता है कई सारी समस्याओं का सामना।

तहलका न्यूज बलरामपुर// आधुनिक भारत में आज भी बहुत से राज्य में बाल विवाह जैसी कुरीति आज भी जारी है, ऐसा ही मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बाल विवाह जारी है। जिले के एक गांव पीपरपन में प्रशासन की संयुक्त टीम ने थाना  बाल विवाह रुकवाया, साथ ही कलेक्टर रिमिजियुस एक्का ने महिला और बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और चाइल्ड लाइन को जिले के क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने के लिए निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, थाना सनावल के अंतर्गत ग्राम पिपरपान में 3 बालक और 2 बालिका के बाल विवाह की सूचना मिली थी। सूचना प्राप्त होने पर महिला और बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम के द्वारा ग्राम पिपरपान पहुंचकर बालक-बालिका के माता-पिता और सगे संबंधियों को समझाइश देकर बाल विवाह होने से रोका गया।
साथ ही वहां उपस्थित लोगों को बताया गया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं बल्कि कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह के कारण बच्चों में कुपोषण, शिशु-मृत्यु दर और मातृ-मृत्यु दर के साथ घरेलू हिंसा में भी वृद्धि होती है।

बाल विवाह रोकने के लिए इन नंबर्स पर कॉल कर दें जानकारी
टीम ने बताया कि किसी व्यक्ति को बाल विवाह की जानकारी प्राप्त होती है तो जिला बाल संरक्षण अधिकारी मोबाइल नम्बर 9826278915 या टोल फ्री नम्बर 1098 पर कॉल करके और अपने ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, शिक्षक, कोटवार, तहसीलदार, थाना प्रभारी, पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अविलंब सूचित करें, जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

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