
जगदलपुर। बस्तर के रिमोट एरिया में जवान नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं. ऐसे में जवानों को नक्सलियों के साथ-साथ मौसमी बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है. बस्तर में जवानों को सबसे ज्यादा खतरा मलेरिया से होता है. नक्सली मोर्चे पर तैनात सीआरपीएफ का एक जवान मलेरिया की चपेट में है.जो इस समय जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है.
जवान की जिंदगी बचाने के लिए डिमरापाल अस्पताल से जगदलपुर दंतेश्वरी एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. ताकि जवान को बिना किसी परेशानी के दिल्ली एम्स तक पहुंचाया जा सके. ग्रीन कॉरिडोर के लिए जगदलपुर शहर से डिमरापाल अस्पताल तक जवानों की तैनाती की गई .इस दौरान डिमरापाल अस्पताल में CRPF और पुलिस के अधिकारी मौजूद थे .



