
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को वित्तीय वर्ष 2022-23 का वार्षिक बजट पेश किया जाना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सदन के भीतर 12.30 बजे बजट पेश करेंगे। इस दौरान आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सामने रखा जाएगा। बजट भाषण में मुख्यमंत्री नई योजनाओं की भी घोषणा का सकते हैं। बजट पेश करने सीएम विधानसभा भी पहुंच गए हैं।
उधर, विधानसभा में कार्यवाही भी शुरू हो चुकी है। प्रश्न काल के दौरान बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने रोजगार के आंकड़ों पर बात की। उन्होंने कहा 37 हजार लोगों को रोजगार देने की बात सरकार ने बताया है। मगर कल अलग आंकड़ा बताया गया है।रोजगार पंजीयन घटता क्यों जा रहा है। इस पर मंत्री उमेश पटेल ने कहा, 3 लाख 54 हजार लोगों को स्व-रोजगार दिलाने में मदद की गई है। सरकार ने सेल्फ डिक्लेरेशन से यह आंकड़े जुटाए हैं
विपक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने पंचायत विभाग पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा आप तथ्य पटल पर रख दीजिए इसकी जांच करा ली जाएगी। वहीं कोंडागांव जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राशि में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। कांग्रेस विधायक संतराम नेताम ने इस संबंध में सवाल किया था। सवाल पर प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने जांच की घोषणा की है।

इधर, बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री ने फेसबुक में एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि छत्तीसगढ़ में प्रत्येक वर्ग को “न्याय” सुनिश्चित करने की यात्रा को जारी रखने के लिए आज बजट प्रस्तुत करूंगा। यह नवा छत्तीसगढ़ का जनहितकारी बजट होगा।
बताया जा रहा है, मुख्यमंत्री अपने बजट भाषण में पुरानी पेंशन योजना की बहाली से जुड़ी कोई घोषणा कर सकते हैं। वित्त विभाग ने इसकी शुरुआती कवायद पूरी कर ली है। वित्त विभाग का शुरुआती अनुमान है कि पुरानी पेंशन योजना लागू होने से अगले एक दशक तक सरकार पर वित्तीय बोझ नहीं आने वाला। उल्टे 1680 करोड़ रुपए सालाना की बचत होगी। यह वह राशि है जो सरकार अंशदायी पेंशन यानी नई पेंशन योजना में अपने पास से देती है। नई पेंशन योजना 2004 से लागू हुई है। उसके बाद भर्ती हुए सरकारी कर्मचारियों की संख्या तीन लाख 30-40 हजार बताई जा रही है। ये कर्मचारी 2030-32 के बाद ही रिटायर होंगे। तब सरकार पर उनके देयकों का बोझ पड़ेगा। प्रदेश भर के कर्मचारी संगठन जोर-शोर से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित कई विधायकों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है।



